भारत की अमर गाथा नारी अस्मिता, सम्मान और स्वावलम्बन की प्रेरणा प्रदान करती: मुख्यमंत्री, उ०प्र०
लखनऊ: 16 मार्च, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चित्तौड़गढ़, राजस्थान में ‘जौहर श्रद्धांजलि समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने चित्तौड़गढ़ दुर्ग में कालिका माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया तथा जौहर स्थल पर यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतीय नारी के शौर्य, स्वाभिमान और अस्मिता को सम्मान देने का अवसर है। इतिहास में कई बार माताओं-बहनों को जौहर व्रत धारण करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब ऐसी स्थिति न आने दें कि उन्हें फिर से जौहर व्रत धारण करना पड़े। सनातन धर्म कभी पददलित नहीं हो सकता। चित्तौड़गढ़ का दुर्ग हमें बताता है कि मातृ शक्ति का साहस अजेय है और स्वाभिमान की ज्वाला शाश्वत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों का दुर्ग नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। जब भी भारत संकट में होता है, तो मन में महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जी का स्मरण अनायास हो जाता है। इन राष्ट्र नायकों का संघर्ष देश और धर्म के लिए था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा सांगा के शरीर पर 80 घाव भारत की अस्मिता के प्रतीक हैं। महाराणा प्रताप ने मात्र 27 वर्ष की आयु में अकबर को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। महारानी पद्मिनी के नेतृत्व में हजारों वीरांगनाओं ने नारी अस्मिता की रक्षा के लिए जौहर व्रत ग्रहण किया। यह संकल्प हम सभी को प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नारी सुरक्षा के मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। यदि किसी ने बेटी-बहन की सुरक्षा में सेंध लगाई, तो अगले चौराहे पर यमराज उसकी प्रतीक्षा कर रहा होगा। आज उत्तर प्रदेश की बहन-बेटियाँ रात्रि शिफ्ट में भी सकुशल कार्य कर रही हैं। प्रत्येक भारतीय नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की गारंटी मिलनी चाहिए।

