चंडीगढ़, 17 अगस्त। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मागदर्शन में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री के एक-एक शब्द एवं वाक्य का गहरा अर्थ होता है, “एक पेड़ मां के नाम” का अर्थ यहीं है कि जो ममता भरा संबंध एक बच्चे का अपनी मां के साथ होता है, वहीं भावनात्मक संबंध हमारा पेड़ के साथ होना चाहिए, जिस प्रकार मां अपने बच्चे को स्नेह, प्यार एवं उसका सरंक्षण करती है, उसी प्रकार हमें पेड़ो के साथ करना है, उनका पालन-पोषण करना है और यदि कोई पेड़ो को क्षति पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसका संरक्षण भी करना है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे बचाए रखने के भाव को मन में रखते हुए हमें कार्य करना है और आंकडें प्रस्तुत करने है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अम्बाला छावनी में हर वार्ड व गांव में जरूरत अनुसार पौधे लगाएं जाएंगें।
विज आज अम्बाला छावनी के गांधी ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जीवन के लिए पेड़-पौधे महत्वपूर्ण होते है, पेड़ो से वायु है और वायु से आयु है यानि जितनी स्वस्थ वायु होगी उतनी ही आयु होगी। धरती को हरा-भरा बनाने के लिए जहां हमें अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगानेे हैं तो वहीं इससे ज्यादा उनका संरक्षण भी करना है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री अनिल विज के साथ-साथ नगर परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित अन्य ने गांधी ग्राउंड में कदम्ब के पौधे लगाए। उन्होंने बताया कदम्ब पौधे की विशेषता है कि भगवान श्री कृष्ण इसी कदम्ब पेड़ के नीचे बैठकर लीलाएं करते थे, बासुरी बजाते थे, गायों के साथ समय बिताते थे। यानि जो भी इस पौधे को लगाएगा उसे भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का स्मरण होगा। उन्होंने कहा कि यहां कदम्ब के पौधे लगाने के साथ-साथ अन्य पौधे भी लगाए जाएगें।
विज ने इस मौके पर यह भी कहा कि हरियाली हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं। पहले धरती एवं मैदानों पर पेड़ पौधों का कब्जा होता था, विकास की दृष्टि से बड़ी बड़ी परियोजनाएं एवं अन्य निर्माण कार्य हो रहे है जिससे पेड़ पौधों का कब्जा छिन गया है, जो छिन गया उसे हमे वापिस देना हैं। पर्यावरण का संतुलन न बिगड़े इसके लिए हमें अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने हैं। उन्होंने इस मौके पर सभी पार्षदों के साथ-साथ भाजपा के पदाधिकारियों को पर्यावरण का प्रतिक पौधा भी वितरित किया और उन्हें भी कहा कि शहर को हरा भरा, सुन्दर एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए जहां पर भी वार्ड एवं गांवों में खाली जगह है वहां पर आवश्यकता अनुसार पौधों को लगाना है और उनका संरक्षण भी करना हैं।
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने इस अवसर पर यह भी कहा कि मानव जाति के लिए प्रकृति का सबसे बड़ा तोहफा पेड़-पौधे है जो हमें फूल देते है, फल देते है और जीवन भर हमारे साथ रहते हैं। यानि इन्होंने अपना तन-मन सब हमारे उपर लगा रखा हैं। हम फूलों की ओर एकदम आकर्षित होते हैं, पेड़ों से फल लेकर उसे खाने के लिए तत्पर रहते हैं। पेड़ों की जो जड़े होती है उनसे विभिन्न प्रकार की औषधियां तैयार की जाती हैं। बहुत सी बीमारियों में इन औषधियों का उपयोग होता हैं। जैसे अर्जुन छाल का प्रयोग दिल की बीमारियों से बचने के लिए किया जाता हैं। पेड़ पौधे हमें निशुल्क आक्सीजन देते हैं। धरती से यदि पेड़-पौधे खत्म हो जाए तो जीना बहुत मुश्किल हैं। उन्होंने कहा कि हमारे वायु मंडल में 78 प्रतिशत नाईट्रोजन गैस व 21 प्रतिशत ही आक्सीजन है बाकि अन्य ओजोन इत्यादि हैं। सूर्य की किरणें यदि बिना ओजोन लेयर के धरती पर सीधी पड़ जाए तो जीना बहुत मुश्किल हैं। हमें अधिक से अधिक पौधे लगाकर अपनी धरती हो धरा भरा करना हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गीत व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण बारे संदेश दिया। कैबिनेट मंत्री ने प्रस्तुतियां देने वाले प्रत्येक बच्चे को 2100-2100 रूपए की प्रोत्साहन राशि अपने स्वैच्छिक कोष से देने की घोषणा की। उन्होंने क्वीज प्रतियोगिता के विद्यार्थियों को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उन्हें भी 2100-2100 रूपए की राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के लिए उपस्थित सभी को शपथ भी दिलाई और कहा कि हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने है और उनका संरक्षण भी करना हैं। जिला स्तरीय कार्यक्रम में डीएफओ ने मुख्य अतिथि को पर्यावरण का प्रतीक पौधे देकर उनका अभिनंदन भी किया। इससे पहले, कैबिनेट मंत्री अनिल विज का यहां पहुंचने पर डीएफओ राकेश कुमार माथुर व एसडीएम विनेश कुमार ने पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया।