चंडीगढ़, 11 फरवरी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों की भलाई के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वन विभाग के कर्मचारी सरकार का अभिन्न अंग हैं।
यह विचार आज वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक ने फॉरेस्ट रेंजर्स एंड डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन, पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन बठिंडा के सेवानिवृत्त कर्मचारी यूनियन तथा डेमोक्रेटिक जंगलात मुलाजिम यूनियन पंजाब के साथ आयोजित बैठकों के दौरान व्यक्त किए।
मंत्री ने वन रेंजर्स को बताया कि वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत विभाग के पुनर्गठन प्रस्ताव के तहत पंजाब फॉरेस्ट सर्विस (ई.ए.सी.एफ.) के 44 पदों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि पुनर्गठन प्रस्ताव में मुकदमेबाजी के मामलों से निपटने के लिए कानून अधिकारी के 2 पद और कानूनी सहायकों के 6 पद भी शामिल किए गए हैं।
पी.एफ.एस. कैडर के पदों पर सीधी भर्ती की मांग के संबंध में मंत्री ने कहा कि वन रेंजर्स के संबंध में नियमों को अधिसूचित करने के बाद इस मामले पर सहानुभूतिपूर्ण विचार किया जाएगा।
पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन के सेवानिवृत्त कर्मचारी यूनियन के साथ बातचीत करते हुए मंत्री ने यूनियन द्वारा उठाए गए पेंशन संबंधी मुद्दे के संदर्भ में कहा कि एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है जो इस मुद्दे पर विचार करके रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा मंत्री ने डेमोक्रेटिक जंगलात मुलाजम यूनियन पंजाब के साथ भी मुलाकात की और समय-समय पर विभाग में कार्यरत कच्चे तथा अनपढ़ कर्मचारियों (519 याचिकाकर्ता/गैर-याचिकाकर्ता) की सेवाओं को नियमित करने सहित उनकी विभिन्न मांगों को ध्यान से सुना।
इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा अतिरिक्त प्रमुख मुख्य वनपाल (ए.पी.सी.सी.एफ.) सौरभ गुप्ता और मुख्य वन्यजीव वार्डन बसंत राज कुमार भी उपस्थित थे।

