2,781.11 करोड़ रु० का इन्सेन्टिव निवेशकों के बैंक खातों में अन्तरित, 50 हजार करोड़ रु० से अधिक के निवेश हेतु 85 एल०ओ०सी० निर्गत जिससे 50 हजार नौजवानों के लिए रोजगार की सम्भावना
लखनऊ, 24 मार्च, 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लोक भवन में ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर निवेशकों के बैंक खातों में 2,781.11 करोड़ रुपये का इंसेंटिव अंतरित किया गया। साथ ही, 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए 85 लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) और पात्रता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिससे 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार की संभावना बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों का विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है। डबल इंजन सरकार ने इस विश्वास पर खरा उतरते हुए प्रदेश को निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनाया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले के पांच वर्षों में मात्र 16 एलओसी जारी की गई थीं, जबकि 2017 के बाद राज्य सरकार ने 3,367 एलओसी जारी की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब निवेश केवल एनसीआर तक सीमित नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड, पूर्वी, पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी निवेश हो रहा है। आज मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में 50 हजार करोड़ रुपये के 85 एलओसी प्रदान किए गए हैं।
कार्यक्रम में ‘उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025’ और डीबीएफओटी मॉडल के तहत ‘प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स विकास योजना-2026’ का भी शुभारंभ किया गया। निवेश मित्र 3.0 पोर्टल में 43 विभागों की 530 से अधिक सेवाओं को 200 से कम सेवाओं तक सीमित किया गया है, जिससे निवेशकों को एंड-टू-एंड ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद जीरो टॉलरेंस और जीरो करप्शन की नीति से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की फूड बास्केट है। यहां देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि से 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन होता है, जिससे फूड प्रोसेसिंग में अपार संभावनाएं हैं।
प्रदेश में 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक, देश के कुल एक्सप्रेस-वे का 55 प्रतिशत हिस्सा, 20 क्रियाशील एयरपोर्ट और 07 शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है। जेवर एयरपोर्ट का 28 मार्च को उद्घाटन होगा, जो कार्गो और लॉजिस्टिक्स का सबसे बड़ा हब बनेगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी और निवेशक उपस्थित थे।

