शौर्य पुरस्कारों से अलंकृत सैनिक एवं उनके परिजन ‘टाइम्स सम्मान समारोह-2026’ से सम्मानित
लखनऊ: 11 अप्रैल, 2026
केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज यहाँ सूर्या ऑडिटोरियम में टाइम्स समूह द्वारा आयोजित ‘टाइम्स सम्मान समारोह-2026’ में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में शौर्य पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों एवं उनके परिजनों को ‘टाइम्स सम्मान समारोह-2026’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी ने कहा कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से हम सैनिकों और उनके परिजनों के अदम्य साहस को सलाम कर रहे हैं। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। यह हमारे सैनिकों एवं उनके परिवारों का हमारे ऊपर ऋण है। समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों द्वारा हमारे सैनिकों का सम्मान किया जाना गौरव का विषय है। मातृभूमि के प्रति हमारे सैनिकों का समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है। आम आदमी पहले अपने जीवन से जुड़ी चीजों के बारे में सोचता है, लेकिन सैनिकों को पहले से ही पता होता है कि उनके लिए ‘स्व’ कुछ नहीं है। सैनिकों का ‘स्व’ उनकी पल्टन, रेजीमेण्ट, देश और उसकी सुरक्षा है। जब कोई व्यक्ति राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जीता है, तो उसके मन से मृत्यु का भय पीछे छूट जाता है। हमारे सैनिकों में भी यही भावना देखने को मिलती है। इसके अनेक उदाहरण हमें अपने आस-पास देखने को मिलेंगे।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी ने कहा कि टीम वर्क की भावना हमें अपने सैनिकों से सीखनी चाहिए। टीम भावना के साथ कार्य करने का मंत्र भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगा। विकसित भारत का अर्थ है, एक ऐसा समाज जहाँ, एक-दूसरे के प्रति सेंस ऑफ रेस्पॉन्सिबिलिटी हो, जहाँ विकास की गति में कोई भी पीछे न छूटने पाए, इसकी चिन्ता हो। राष्ट्र के रूप में हमें अपने रिसोर्स का ऑप्टिमम यूटिलाइजेशन करने की आवश्यकता है।
वेलफेयर के साथ-साथ वॉरफेयर में मजबूती भी आवश्यक है। आज जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तो यह जरूरी हो जाता है कि हम अपनी सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूत करें। हमारे सैनिकों के हाथों में अपने देश में निर्मित इक्विपमेण्ट हों, यह सुनिश्चित होना चाहिए। वर्ष 2024-25 में भारत का डिफेंस सेक्टर में प्रोडक्शन 01 लाख 51 हजार करोड़ रुपये पहुँच गया है। भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट भी वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पहुँच गया है। वर्ष 2029-30 तक हमें इसे 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है। हमारे यह प्रयास आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव रख रहे हैं। आने वाले समय में हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा केवल हमारे सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक कलेक्टिव रेस्पॉन्सिबिलिटी है। इस कार्य में हम सभी नागरिकों की बराबर की जिम्मेदारी है। सीमा पर तैनात जवान हमारे फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस हैं, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि समाज के भीतर भी इन्श्योर होती है। यदि देश में यूनिटी, डिसिप्लिन और अवेयरनेस नहीं है, तो बाहरी सुरक्षा अपने आप कमजोर पड़ जाती है। हम और आप जैसे नागरिकों की भूमिका यहाँ पर बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। कानून का पालन करना, अफवाहों से दूर रहना, देश के हित को व्यक्तिगत रूप से ऊपर मानते हुए कार्य करना राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देना है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में इन्फॉर्मेशन भी एक तरीके का हथियार है। इसलिए रेस्पॉन्सिबल जर्नलिज़्म की बहुत आवश्यकता है, क्योंकि जर्नलिज़्म लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। नागरिकों व मीडिया को अपनी जिम्मेदारी पूरी गम्भीरता के साथ निभानी होगी। हमारी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के किसी भी मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करती है और न करेगी। हमारे लिए भारत की सम्प्रभुता और अपने सैनिकों का गौरव सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री जी अपने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने हेतु अण्डमान और निकोबार के 21 द्वीपों के नाम शौर्य पुरस्कारों से अलंकृत देश के सैन्य वीरों के नाम पर रखे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज का समारोह भारत की उन वीर नारियों और वीरों के प्रति सम्मान का समारोह है, जिनकी शक्ति, साहस और स्वाभिमान पूरे भारत को एक नया जीवन देता है। इन वीरों के दृढ़ साहस की दीवार भारत को नई सुरक्षा देती है तथा जिनका विश्वास 145 करोड़ भारतीयों के मन में एक नया साहस भरता है। जब हमारा सैनिक सीमा पर अडिग होकर देश की सुरक्षा करता है, तब 145 करोड़ भारतवासी निश्चिंत होकर चैन की नींद सोते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सियाचीन की खून जमा देने वाली ठण्ड, रेगिस्तान की तपती हुई रेत, घने जंगलों का अंधकार या समुद्र और आकाश की अनन्त चुनौतियों के समक्ष, जहाँ जीवन ठहर जाता है, वहाँ पर हमारा सैनिक इन सभी झंझावातों की परवाह किए बगैर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का पूरी मजबूती के साथ निर्वहन करता है। हर सैनिक की सांस में भारत है, जो इस राष्ट्र को एक जीवन देता है। उसकी हर शान में भारत है, जो तिरंगे को गर्व से लहराने की शक्ति देता है और उसकी हर पहचान में भारत है, जिससे वह दुनिया की हर ताकत का चुनौतीपूर्ण मुकाबला करते हुए भारत की ताकत का एहसास कराता है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वीर माताओं और वीर परिवारों के त्याग को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। आज का यह सम्मान कार्यक्रम उन आँसुओं का सम्मान है, जो कभी मंच तक नहीं पहुँचते। सम्मान समारोह में रक्षा मंत्री जी की उपस्थिति हम सभी के लिए नई प्रेरणा और विश्वास का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में भारत की सेना आज अत्याधुनिक, सशक्त और आत्मनिर्भर सेना के रूप में दुनिया के समक्ष अपनी ताकत का एहसास करा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज भारत केवल अपनी सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर अपने मित्र राष्ट्रों के लिए हमेशा खड़ा भी रहता है। जब भी सेना से जुड़े किसी मुद्दे पर चर्चा होती है, तो इसमें उत्तर प्रदेश सरकार का स्पष्ट मत रहता है कि भले ही किसी अन्य मुद्दे पर बहस की जाए, लेकिन देश की सेना बहस का विषय नहीं होनी चाहिए। क्योंकि देश सुरक्षित है, तो हम सब सुरक्षित हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि देश की सेना व सैनिक के लिए सर्वोच्च सम्मान का भाव हम सभी के मन में होना चाहिए। हम सभी देश के सैनिकों और वीर नारियों के साथ खड़े हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी देश को नया सम्बल दिया है। शासन की योजनाएँ, मात्र योजनाएँ ही नहीं, बल्कि सैनिकों के लिए आश्वस्ति हैं कि समाज सदैव उनके साथ खड़ा है। सरकार विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में उनके साथ खड़े होकर कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं रक्षा मंत्री जी के नेतृत्व में आज देश रक्षा क्षेत्र में जिस आत्मनिर्भरता को प्राप्त कर रहा है, उत्तर प्रदेश उसकी महत्वपूर्ण भूमि के रूप में उभरा है। लखनऊ में डिफेंस कॉरिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। ऑपरेशन सिन्दूर में जब ब्रह्मोस मिसाइल ने हमला किया था, तो दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतें काँपती व ताकते हुए दिखायी पड़ीं। यह दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराता है।
मुख्यमंत्री जी ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने चित्रकूट के नोड के लिए बी०ई०एल० को भेजा है। वहाँ पर 75 एकड़ भूमि अधिग्रहीत कर ली गयी है। इसके दस्तावेज भी प्रदेश सरकार की ओर से उपलब्ध करवा दिए गए हैं। झाँसी में भारत डायनमिक्स लिमिटेड अपने कार्य को तेजी के साथ आगे बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के 06 नोड रक्षा क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेंगे। प्रदेश में रक्षा क्षेत्र में कई नये कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। नोएडा एवं कानपुर में ड्रोन टेक्नोलॉजी के सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने धनराशि उपलब्ध करा दी है। यह केन्द्र भारत की रक्षा सेनाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाकर रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप ड्रोन के निर्माण और उस क्षेत्र में नये इनोवेशन की दिशा में मजबूती के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत वर्ष केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी के साथ गौतमबुद्धनगर में ड्रोन निर्माण इकाई, एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस फैसिलिटी कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया था। पहले हम दूसरे देशों पर निर्भर रहते थे तथा शत्रु हमारे डाटा का प्रयोग करते थे, जो हमें कमजोर बनाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। हमारी आत्मनिर्भरता, हमारी सक्षमता की भी प्रतीक होगी। आज उत्तर प्रदेश में इस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। आज रक्षा मंत्री के कर कमलों से स्मृतिका युद्ध स्मारक का लोकार्पण सम्पन्न हो रहा है। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह स्मृतिका प्रेरणा तीर्थ होगी। जब युवा यहाँ आएंगे, तो उनकी नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी।
कार्यक्रम के दौरान श्री योगेन्द्र सिंह यादव (परमवीर चक्र) को भी ‘टाइम्स सम्मान समारोह-2026’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, देश के लिए बलिदान देने वाले श्री करन सिंह (परमवीर चक्र), श्री अब्दुल हमीद (परमवीर चक्र), श्री अरुण खत्रपाल (परमवीर चक्र), कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय (परमवीर चक्र), कैप्टन विक्रम बत्रा (परमवीर चक्र), मेजर होशियार सिंह (परमवीर चक्र), मो० उस्मान (महावीर चक्र), कोमोडोर अरविन्द सिंह (महावीर चक्र), श्री अनुसूइया प्रसाद (वीर चक्र), नायक राजा सिंह (वीर चक्र), मेजर धीरेन्द्र नाथ सिंह (वीर चक्र), मेजर कमल कालिया (शौर्य चक्र), कर्नल मुनीन्द्र नाथ राय (शौर्य चक्र), लेफ्टिनेण्ट कर्नल मुकेश चन्द्र शर्मा (शौर्य चक्र), श्री महावीर यादव (शौर्य चक्र), लांसनायक राम बहादुर सिंह (शौर्य चक्र), कैप्टन विष्णु स्वरूप शर्मा (शौर्य चक्र), श्री हरि सिंह बिष्ट (शौर्य चक्र) के परिजनों को ‘टाइम्स सम्मान समारोह-2026’ से अलंकृत किया गया।
कार्यक्रम के उपरान्त केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी ने स्मृतिका वॉर मेमोरियल में शौर्य संस्मरण-लेजर लाइट एण्ड साउण्ड शो का उद्घाटन किया।

