चंडीगढ़, 19 मई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) परिवार पहचान पत्रों में नागरिकों की आय सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाएं ताकि जरूरतमंदों की पहचान कर उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में क्रिड व ‘सेवा’ विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने विभाग के कार्यों, परिवार पहचान पत्रों बारे आ रही समस्याओं तथा इनके समाधान के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
क्रिड के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन ने बताया कि प्रदेश में कई परिवारों की आय का सत्यापन न होने के कारण इन लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। हालांकि इस कार्य के लिए इनकम वेरिफिकेशन कमेटी कार्य कर रही है जिसमें एक सरकारी कर्मचारी टीम लीडर के रूप में और एक लोकल ऑपरेटर तथा एक वोलेंटियर शामिल हैं, लेकिन इनसे प्राप्त अलग-अलग रिपोर्ट में परिवार विशेष की आय में अंतर होने के कारण स्पष्ट निर्णय नहीं हो पाता है कि परिवार की वास्तविक आय क्या रखी जाए।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम लीडर और लोकल ऑपरेटर से प्राप्त आय के आंकड़ों को उस गांव की ग्राम सभा की बैठक में रखा जाए और ग्राम सभा तसदीक करे कि उस परिवार की वास्तविक आय क्या हो सकती है। ग्राम सभा द्वारा लिए गए निर्णय को अंतिम मान लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन व्यक्तियों की आयु तसदीक के आवेदन लंबित हैं उन्हें अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से वेरीफाई करवाया जाए। इसके लिए आवेदक की सबसे बड़ी संतान की आयु को आधार मानकर भी व्यक्ति की आयु का निर्धारण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रकार की पेंडेंसी को एक माह में दूर किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि कृषि से हुई 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय के आधार पर किसी व्यक्ति या परिवार को ऐसी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न किया जाए जिनके लिए अधिकतम 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय की शर्त है। उन्होंने दयालु योजना में आधार लिंक से संबंधित समस्या का समाधान जिला समाज कल्याण अधिकारी और अतिरिक्त उपायुक्त की संयुक्त कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने सेवा विभाग और क्रिड को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में क्रिड पंचायत लोकल ऑपरेटर (सीपीएलओ) तथा लोकल कमेटी लोकल ऑपरेटर (एलसीएलओ) की समस्याओं के संबंध में भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल्द ही इनके लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जाए ताकि इनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके और इन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने विभाग के कार्य को सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की भी अनुमति प्रदान की।
क्रिड के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन ने विभाग की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा मेें तैयार किया गया परिवार पहचान पत्र का प्लेटफार्म देश में सबसे अनूठा प्रयोग है। उन्होंने बताया कि क्रिड द्वारा परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी 23 जिलों में कुल 77,41,912 परिवारों के 2,98,47,359 सदस्यों को पंजीकृत किया गया है। पीपीपी के माध्यम से 50 से अधिक विभागों को एकीकृत किया गया है जिनके माध्यम से 400 से अधिक योजनाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जल्द ही पीपीपी 2.0 नामक नया डाटा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा और नागरिकों को पीपीपी स्मार्ट कार्ड भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
बैठक में ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, क्रिड के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री विवेक कालिया व स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

