पटियाला, 30 जुलाई। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज होटल शौर्या में “रंगला पंजाब हमारी साझा जिम्मेदारी—सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य, अच्छे स्वास्थ्य का आधार” विषय पर आयोजित फूड सेफ्टी सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह सेमिनार डिप्टी कमिश्नर पटियाला, सिविल सर्जन कार्यालय और फूड सेफ्टी विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि “जैसा अन्न, वैसा मन” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, उसी प्रकार सुरक्षित, पौष्टिक और मानक गुणवत्ता वाला खाद्य भी स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान द्वारा सृजित किए जा रहे ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए लोगों में स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता पैदा करना समय की प्रमुख आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ऐसे जागरूकता सेमिनार लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस सेमिनार में कृषि विश्वविद्यालय, गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (गडवासू) के विशेषज्ञों तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि ये संस्थान आपसी तालमेल से नई पीढ़ी को रसायन-मुक्त और जैविक खाद्य के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि जैविक खेती करने वाले किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से परहेज करते हैं, जिससे स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण अनाज तैयार होता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक प्राकृतिक और जैविक खाद्य अपनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की नींव सुरक्षित भोजन पर ही टिकी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा फूड बिजनेस ऑपरेटरों और खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं की नियमित जांच की जाती है ताकि लोगों को मानक गुणवत्ता वाला और सुरक्षित खाद्य उपलब्ध हो सके तथा किसी भी प्रकार की मिलावट या गैर-मानक खाद्य को रोका जा सके।


