चंडीगढ़, 12 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्र नायब सिंह सैनी ने शनिवार को सिरसा में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विभागों से संबंधित जन शिकायतों की सुनवाई की। बैठक में 16 शिकायतों में से 13 का मौके पर समाधान किया गया।
चत्तरगढ पट्टी आनंद विहार निवासी विजय कुमार ने शिकायत में बताया कि उसे सेक्टर-21 में फ्लैट नंबर 387 आवंटित किया गया था। इसके लिए उसने निर्धारित राशि जमा करवाई और अलॉटमेंट लेटर भी जारी किया गया, लेकिन अभी तक उसे फ्लैट का भौतिक कब्जा नहीं मिला है। शिकायतकर्ता के अनुसार फ्लैट में सीवर, पानी और बिजली कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता की इच्छा अनुसार ब्याज सहित रुपये वापिस करने तथा रिफंड के जितने भी मामले लंबित हैं, उनकी एक महीने में पेंडेंसी क्लीयर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस मामले में जिस अधिकारी की लापरवाही बनती हैं, जांच करके संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वहीं पवन कुमार ने शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी एवं बच्चों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई तथा घटना के संबंध में पुलिस में शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित मामले में आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई के बजाय उसे और उसके परिवार को परेशान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि मामले में दोनों पक्षों की बात सुनकर जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाए।
गांव कंवरपुरा निवासी रामगोपाल ने शिकायत में बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उसके खाते से करीब 76,960.31 रुपये की बीमा राशि काटी गई, लेकिन कपास की फसल का बीमा क्लेम अभी तक प्राप्त नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव के अन्य किसानों को बीमा राशि मिल चुकी है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि अधिकारी मामले की गहनता से जांच करें तथा किसान को तकनीकी दिक्कत दूर करके क्लेम दिया जाए।
इसी तरह एक अन्य शिकायत में कृष्णा देवी के नाम जारी दिव्यांग प्रमाणपत्र को फर्जी बताया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि प्रमाणपत्र में मेडिकल बोर्ड के चिकित्सकों के हस्ताक्षर हैं, जबकि प्रमाणपत्र को फर्जी बताकर मामले में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने प्रमाणपत्र की निष्पक्ष जांच करवाने तथा गलत पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उपायुक्त को डेढ साल तक मामला लटकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच के निर्देश दिए।
वहीं मिल्क सोसायटी दि-जनता गांव करीवाला के शिकायतकर्ता ने मिल्क प्लांट सिरसा में बीएमसी के माध्यम से भेजे जाने वाले दूध की गुणवत्ता एवं भुगतान संबंधी शिकायत रखी। शिकायतकर्ता के अनुसार दूध में कास्टिक अधिक होने की बात कहकर दूध रिजेक्ट किया जाता है तथा दूध वापस लेने और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी समस्या है। शिकायत में संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने तत्कालीन सीईओ के खिलाफ कड़ी कारवाई के निर्देश दिए।
अनीता रानी ने शिकायत में बताया कि उनके पति राजेन्द्र कुमार एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। शिकायत के अनुसार घटना के दौरान परिवार के सदस्यों को चोटें आईं तथा बाद में भी दूसरे पक्ष द्वारा धमकियां दी गईं। मामले की पुलिस जांच के बावजूद शिकायतकर्ता ने उचित कार्रवाई न होने की बात कहते हुए दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि दोनों पक्षों की निजी सुनवाई की जाए और मामले का समाधान किया जाए।
सेक्टर-19 निवासी चड़त सिंह ने शिकायत में बताया कि उनकी भूमि पर मकान का निर्माण होने के बाद रास्ते की समस्या उत्पन्न हो गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार मकान तक आने-जाने के लिए कोई उचित रास्ता उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में पहले भी संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई तथा रास्ता उपलब्ध करवाने के आदेश हुए, लेकिन मामला अभी तक लंबित है। शिकायतकर्ता ने अपने मकान तक उचित रास्ता उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जांच करने के निर्देश दिए।
डबवाली निवासी डॉ. मोहिंदर बंसल ने अनाज मंडी में डिवाइडर रिनोवेशन में पेड़ों की स्थिति बारे गलत एटीआर अपलोड करने पर नगर परिषद अधिकारियों पर कार्रवाई करने की शिकायत रखी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो भी खराब पौधे लगे हुए हैं, उनको बदला जाए और कमेटी बना कर मामले की जांच की जाए।
बैठक में पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल, उपायुक्त श्री शांतनु शर्मा, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, नगर परिषद सिरसा के चेयरमैन श्री शांति स्वरूप, चेयरमैन श्री देव कुमार शर्मा, चेयरमैन श्री रोहताश जांगड़ा, चेयरमैन श्री रामचंद्र कंबोज, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार श्री जगदीश चोपड़ा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


