चंडीगढ़, 1 फरवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वोकल फॉर लोकल और मेड इन इंडिया के संकल्प को साकार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि “ग्लोकल एआई – रियल इम्पैक्ट” केवल एक विषय नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है, जिसमें वैश्विक सोच को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में आयोजित टी.आई.ई. एआई शिखर सम्मेलन–2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दि इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) चंडीगढ़ द्वारा आयोजित यह शिखर सम्मेलन भविष्य की तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा देने वाला सशक्त मंच है।
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री असीम गोयल, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जे. गणेशन तथा टी.आई.ई. चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट पुनीत वर्मा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस : वर्तमान की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और प्रशासनिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत एआई के अनुसंधान, नवाचार और उत्तरदायी नीति निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य सेवाओं में रोगों की पहचान और उपचार को अधिक सटीक बना रही है, शिक्षा में व्यक्तिगत सीखने की प्रक्रिया को सशक्त कर रही है तथा कृषि क्षेत्र में किसानों को उत्पादन बढ़ाने, बेहतर बाजार और मूल्य संवर्धन में सहायता प्रदान कर रही है। छोटे और मध्यम उद्यम एआई के माध्यम से अपनी दक्षता बढ़ाकर वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक अवसर प्राप्त कर रहे हैं।
हरियाणा एआई मिशन : युवाओं और नवाचार को नई उड़ान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में एआई को बढ़ावा देने के लिए ‘हरियाणा एआई मिशन’ स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है, जिसके लिए विश्व बैंक द्वारा लगभग 470 करोड़ रुपये की सहायता का आश्वासन प्राप्त हुआ है। इस मिशन के अंतर्गत गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक एआई हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50 हजार युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
नवाचार, शोध और स्टार्टअप को मजबूत आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार और शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है, जिसे 20 करोड़ रुपये के प्रारंभिक कोष के साथ शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 2000 करोड़ रुपये से अधिक का फंड ऑफ फंड्स बनाया गया है, जिसके माध्यम से स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि HSIIDC के माध्यम से प्रति स्टार्टअप 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री कौशल सम्मान योजना के तहत युवाओं को इंटर्नशिप, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर तथा बेरोजगारी भत्ते की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
डीप टेक, क्वांटम और डेटा सेंटर हब की ओर हरियाणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है, बल्कि कोर टेक्नोलॉजी, हार्डवेयर और डीप टेक इनोवेशन का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एआई गणित, तर्कशक्ति और विश्लेषणात्मक सोच पर आधारित है, जिसमें भारतीय युवाओं की बौद्धिक क्षमता, वैदिक गणित और नवाचारी दृष्टिकोण इसे और सशक्त बनाते हैं।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों में डेटा साइंस विभागों को अपडेट किया जा रहा है तथा क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों को पाठ्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। हरियाणा को क्वांटम-रेडी राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक GPU इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए राज्य में डेटा सेंटर हब विकसित करने की योजना है, जिसके लिए अंबाला और पंचकूला को उपयुक्त स्थान के रूप में चिन्हित किया गया है।
पंचकूला बनेगा उत्तर भारत की ‘सिलिकॉन वैली’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला को उत्तर भारत की ‘सिलिकॉन वैली’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां स्वच्छ पर्यावरण, प्रतिभाशाली मानव संसाधन, हाई-स्पीड इंटरनेट, सातों दिन उपलब्ध ग्रीन एनर्जी तथा 73 एकड़ भूमि पर एआई हब स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। यह क्षेत्र डीप टेक इनोवेशन का जीवंत केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार रेगुलेटरी सैंडबॉक्स की सुविधा उपलब्ध करा रही है, ताकि नवाचार बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। सरकार आपके रास्ते में नहीं, बल्कि आपके साथ खड़ी है। HSIIDC के माध्यम से स्टार्टअप्स, उद्यमियों और वेंचर कैपिटल के साथ नियमित संवाद कर मजबूत साझेदारी विकसित की जा रही है।
निवेशकों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“यदि आप भविष्य को गढ़ना चाहते हैं, तो हरियाणा आइए।”
उन्होंने कहा कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत स्पष्टता और अपार मानव क्षमता के कारण हरियाणा भविष्य के भारत का लॉन्च पैड बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि TiE AI Summit–2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। तकनीक का उद्देश्य केवल समाधान खोजना नहीं, बल्कि उसे मानवीय मूल्यों, नैतिकता और उत्तरदायित्व से जोड़ना है। एआई मानव सेवा का माध्यम बने—यही हमारा संकल्प है।
इस अवसर पर ब्रिटिश उप उच्चायुक्त अल्बा स्मेरिग्लियो, टी.आई.ई. के पदाधिकारी, देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्योग जगत के दिग्गज, विदेशों से आए उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, युवा नवोन्मेषक, तकनीकी विशेषज्ञ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

