25 मार्च से शुरू होगी गेहूं खरीद, एमएसपी पर 6,500 केंद्रों पर होगा उपार्जन
लखनऊ, 23 मार्च, 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं क्रय नीति को मंजूरी दे दी गई। सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ दिलाने के लिए 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रारंभिक प्रस्ताव 30 लाख मीट्रिक टन का था, जिसे मुख्यमंत्री ने बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया।
गेहूं की खरीद केंद्र सरकार द्वारा घोषित एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी। यह प्रक्रिया 25 मार्च, 2026 से शुरू होकर 15 जून, 2026 तक चलेगी। किसानों को अधिकतम लाभ देने के लिए प्रदेश भर में 8 क्रय एजेंसियों के माध्यम से 6,500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें पीसीएफ के 3,300, यूपीपीसीयू के 700, खाद्य विभाग के 1,250 और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के 400 केंद्र प्रमुख हैं।
किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। रविवार और सरकारी अवकाश को छोड़कर अन्य दिनों में खरीद जारी रहेगी। केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और पार्किंग की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। गेहूं को खराब होने से बचाने के लिए क्रेट्स और तिरपाल की भी व्यवस्था की गई है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ब्रीफिंग में बताया कि इस बार खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। ई-पॉप मशीन के माध्यम से किसानों का बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण कर खरीद की जाएगी। मोबाइल क्रय केंद्रों पर खरीद का लोकेशन भी कैप्चर किया जाएगा। भुगतान पीएफएमएस पोर्टल के जरिए 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा।
नीति के तहत बटाईदार किसान और पंजीकृत ट्रस्ट भी अपनी उपज बेच सकेंगे। ट्रस्ट के मामले में भुगतान पीपीए मोड से ट्रस्ट के खाते में किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने बताया कि नीति में तत्काल संशोधन की आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री अधिकृत होंगे।

