बासंतीय नवरात्रि के अवसर पर बेटियों को नियुक्ति पत्र प्राप्त होना नारी शक्ति के स्वावलम्बन का प्रतीक : मुख्यमंत्री
लखनऊ: 22 मार्च, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नर्सिंग सेवा एवं संवेदना का कार्य है। नर्सिंग प्रोफेशनल्स की सेवा और संवेदना जब मरीज की सहयोगी बनती है, तो अच्छे परिणाम मिलते हैं। यह ऐसा क्षेत्र है, जिसमें योग्य विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी दी जा सकती है। आज भारत के नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग जापान, दक्षिण कोरिया तथा यूरोप सहित पूरी दुनिया में है।
मुख्यमंत्री आज ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इनमें 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं। चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बासंतीय नवरात्रि के अवसर पर बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलना नारी शक्ति के स्वावलंबन का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मेडिकल एजुकेशन विभाग प्रदेश में नर्सिंग सेवाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन के साथ-साथ अन्य राज्यों में अवसर उपलब्ध कराने के लिए बेटियों को मराठी, तेलुगु, बंगाली आदि भाषाओं में प्रशिक्षित करे। उन्हें अंतरराष्ट्रीय भाषाओं की जानकारी भी दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले प्रदेश में कुल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जिनमें केवल 17 सरकारी थे। पिछले 09 वर्षों में यह संख्या बढ़कर 81 हो गई, जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या निजी से अधिक है। सरकार ‘एक जनपद, एक मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने हेल्थ केयर को प्राथमिकता दी है। पूर्व में बंद एएनएम व जीएनएम संस्थानों को पुनः प्रारंभ किया गया है। प्रदेश में 31 नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नर्सिंग में 07 हजार तथा पैरामेडिकल में 02 हजार सीटों की वृद्धि हुई है। एमबीबीएस की सीटें 5,390 से बढ़कर 12,700 तथा पीजी की सीटें 1,221 से बढ़कर 5,056 हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आई है। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के अंतर्गत प्रदेश में सवा 09 करोड़ लाभार्थी जुड़े हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

