वन जीवन का आधार और प्रकृति के सन्तुलन का एक महत्वपूर्ण आयाम, वन के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती : मुख्यमंत्री
लखनऊ: 21 मार्च, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर कहा कि वन जीवन का आधार है। वन है तो जल है, जल और वन हैं तो वायु है और वायु है तो जीवन है। उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ विषयक राष्ट्रीय वानिकी संवाद का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग की विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया तथा मानव-वन्य जीव संघर्ष के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय ऋषि परम्परा में ‘दश कूप समा वापी…’ के माध्यम से वृक्ष की महत्ता बताई गई है। धरती हमारी माता है और हम सब उसके पुत्र हैं। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम ‘फॉरेस्ट एण्ड इकोनॉमीज’ पारिस्थितिकी संतुलन के साथ आर्थिक विकास के लिए प्रेरित करती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश में वनाच्छादन बढ़ाने में सफलता मिली है। गत वर्ष वन महोत्सव में एक दिन में 37 करोड़ वृक्ष लगाए गए। इस वर्ष 35 करोड़ का लक्ष्य है, जो एक माह में 45 करोड़ तक पहुंच सकता है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 50 करोड़ पौधे उपलब्ध हैं। प्रदेश ने 09 वर्षों में 242 करोड़ वृक्षारोपण किया है। वर्तमान वनाच्छादन लगभग 10 प्रतिशत है, जिसे 16-17 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 01 रामसर साइट थी, जो अब बढ़कर 11 हो गई है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्य जीव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में शामिल किया है। प्रदेश में 2,467 ग्रीन इकोनॉमी मॉडल के वन आधारित उद्योग स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना के बाद गंगा डॉल्फिन फिर से दिखने लगी है। वर्ष 2023 में प्रदेश में 2,397 डॉल्फिन पाई गईं। प्रदेश सरकार ने वन विभाग के लिए बजट में सामाजिक वानिकी हेतु 800 करोड़, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ रुपये सहित पर्याप्त धनराशि आवंटित की है।
उन्होंने जुलाई में होने वाले वन महोत्सव में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अवश्य लगाने की अपील की तथा 100 वर्ष पुराने विरासत वृक्षों के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

