चैत्र नवरात्रि के अवसर पर सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
माँ शाकुम्भरी देवी चैत्र नवरात्रि मेला पौराणिक मेला : मुख्यमंत्री
लखनऊ: 15 मार्च, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद सहारनपुर में माँ शाकुम्भरी देवी चैत्र नवरात्रि मेले की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने आगामी 19 मार्च से आरम्भ हो रहे चैत्र नवरात्रि के अवसर पर सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सिद्धपीठ माँ शाकुम्भरी देवी मन्दिर परिसर से सम्बन्धित पर्यटन विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यहाँ का चैत्र नवरात्रि मेला एक पौराणिक मेला है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से श्रद्धालु आते हैं। मेले की व्यवस्थाएं अच्छी हों, इसको ध्यान में रखकर तैयारियाँ की जाएं। भीड़ प्रबन्धन बेहतर हो। मेला परिसर को सी०सी०टी०वी० कैमरों से आच्छादित किया जाए। सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मेले में जिन कार्मिकों की ड्यूटियां लगायी जा रही हैं, बेहतर
व्यवहार के लिए उनकी काउंसलिंग की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत एण्टी रोमियो स्क्वॉड सक्रियता से कार्य करे। सुरक्षा कार्य में सिविल डिफेन्स एवं एन०जी०ओ० का भी सहयोग लिया जाए। परम्परा के विपरीत कार्य करने वालों के विरूद्ध समुचित कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल एवं अच्छी गुणवत्ता का भोजन एवं प्रसाद मिले। स्वच्छता बनाए रखने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ायी जाए। पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन की व्यवस्था की जाए। कूड़ा-कचरा हेतु डम्पिंग स्थल का चयन दूर क्षेत्र में किया जाए। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए। सिंगल यूज़ प्लास्टिक के बैन को सख्ती
से लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निर्बाध विद्युत की व्यवस्था रहे। पार्किंग की उचित दर निर्धारित की जाए। किसी भी दशा में अवैध वसूली न होने पाए। ई-रिक्शा व ऑटो चालकों तथा दुकानदारों का सत्यापन कराया जाए। सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों को होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एल०ई०डी० वाहन के माध्यम से दी जाए। इस अवसर पर औद्योगिक विकास राज्य मंत्री श्री जसवंत सिंह सैनी, लोक
निर्माण राज्य मंत्री श्री बृजेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

