चंडीगढ़, 6 जुलाई। पंजाब के वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज जंगलात वर्कर यूनियन पंजाब, डेमोक्रेटिक जंगलात मुलाज़ीम यूनियन पंजाब और पंजाब राज वन विभाग वर्कर यूनियन के पदाधिकारियों के साथ उनके सेवा-संबंधी मुद्दों और मांगों की समीक्षा के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया।
यूनियन के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए मंत्री ने उन्हें सरकारी नीतियों के दायरे में उनकी जायज मांगों पर सहानुभूति और सौहार्द पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
राज्य सरकार की कर्मचारी-हितैषी पहुंच को दोहराते हुए कटारूचक्क ने स्पष्ट रूप से कहा कि वन एवं वन्यजीव विभाग में वर्तमान में सेवारत किसी भी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार विभाग से संबंधित प्रत्येक कर्मचारी के लिए नौकरी की पूर्ण सुरक्षा और कार्य के दौरान उचित सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को यूनियनों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने और लंबित मामलों के समयबद्ध समाधान के लिए तीव्र गति से कार्य करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अन्य के अलावा वन विभाग के प्रमुख मुख्य वनपाल (वन बल के प्रमुख) धर्मेंद्र शर्मा, सीसीएफ (प्लेन्ज़) निधि श्रीवास्तव, ए.पी.सी.सी.एफ. (बजट) सौरव गुप्ता, अमरीक सिंह राज्य प्रधान वन कर्मचारी यूनियन, रछपाल सिंह जोधानगरी राज्य प्रधान डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन और बलवीर सिंह मंडोली प्रधान पंजाब राज वन विभाग वर्कर
यूनियन उपस्थित थे।

