पारदर्शिता हमारी पहचान, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस; नोएडा में 4 लाख लोगों को मकान, 6000 करोड़ का सरप्लस
लखनऊ, 30 मार्च, 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि यह नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता, मेरिट और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए संपन्न हुई है। इसका परिणाम है कि कहीं कोई व्यवधान नहीं है, न्यायालय का हस्तक्षेप नहीं है और नौजवानों में कोई बेचैनी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तो उसके परिणाम सबके सामने होते हैं। उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, जहां 25 करोड़ लोग निवास करते हैं। विगत 9 वर्षों में हमने प्रदेश में 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। आज चयन प्रक्रिया की शुचिता पर विरोधी भी प्रश्न नहीं उठा सकते, जबकि 2017 से पहले सभी नियुक्तियां बाधित थीं।
सीएम योगी ने कहा कि 9 लाख का यह नया मैनपावर प्रतिभाशाली और नई ऊर्जा से भरपूर है। इसी का लाभ है कि जो राज्य बीमारू था, आज वह देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन गया है। जिस राज्य के पास वेतन देने के पैसे नहीं थे, वह आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। जो राज्य प्रति व्यक्ति आय में सबसे नीचे था, वह आज देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और उसने 2016 की तुलना में अपनी अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ाई है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। यह नीति न केवल अपराधियों के प्रति है, बल्कि भ्रष्टाचार के प्रति भी है। प्रत्येक भर्ती बोर्ड को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि भर्ती में किसी भी प्रकार की शिकायत पर ऐसी कठोर कार्रवाई होगी जो नजीर बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं की रीढ़ नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिक्स हैं। 2017 से पहले इस दिशा में ध्यान नहीं दिया गया। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, जो 2017 में शिशु अवस्था में था, अब मॉडर्न टर्शियरी हेल्थकेयर का बेहतरीन केंद्र बन चुका है। यहां रोबोटिक सर्जरी में 350 से अधिक सफल ऑपरेशन हो चुके हैं और प्रदेश का पहला गामा नाइफ भी यहीं लगा है।
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार की पहचान संकट के समय होती है। कोरोना काल में जब दुनिया के कई संस्थान पल्ला झाड़ रहे थे, तब लखनऊ के एसजीपीजीआई, केजीएमयू और आरएमएल संस्थानों ने पूरे प्रदेश में वर्चुअल आईसीयू शुरू करके मानवता की सेवा की।
प्रदेश में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा में बिल्डर और खरीदारों के बीच 4 लाख मामले विवादित थे। हमने प्रशासनिक सुधार कर भ्रष्ट तत्वों को बाहर किया। आज उसी नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के पास 6,000 करोड़ रुपये का सरप्लस है, और 4 लाख लोगों को मकान मिल चुके हैं। उन्होंने कहा, “आज विश्व का सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और सबसे अच्छा निवेश इसी क्षेत्र में है।”
उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री ने जेवर में एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। यह वही क्षेत्र है जो कभी यूपी की क्राइम कैपिटल के नाम से जाना जाता था। आज यह देश-दुनिया के निवेश का बेस्ट डेस्टिनेशन है। वहां मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, टॉय पार्क और उत्तर भारत की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में गल्फ वॉर के कारण दुनिया के कई देशों में इमरजेंसी लागू है, लेकिन भारत प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व में बिना रुके आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नर्सिंग अधिकारियों से अपील की कि वे केवल प्रोफेशनल दक्षता ही नहीं, बल्कि ‘ह्यूमन टच’ को भी अपनी पहचान बनाएं।
इस अवसर पर नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनका चयन पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता से हुआ है, और वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने के लिए तत्पर हैं। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, कुलपति मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन, प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह, प्रो. सोनिया नित्यानंद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

