चंडीगढ़, 17 दिसंबर। हरियाणा में वाटर लॉगिंग (water logging) और सेम की समस्या से निपटने को विस्तृत योजना तैयार हो गई है।
(A detailed plan has been prepared to deal with the problem of water logging in Haryana.)
यह खुलासा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज से शुरू हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान किया।
उन्होंने बताया कि सरकार वॉटर लॉगिंग व सेम की समस्या पर गंभीर है।
इस सिलसिले में प्रदेश सरकार ने विस्तृत योजना तैयार कर ली है।
water logging से जुड़ी समस्या पर जनवरी में लॉन्च होगा पोर्टल
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि जनवरी महीने में एक पोर्टल लॉन्च कर दिया जाएगा।
दिसंबर महीने में इस योजना का स्वरूप सामने आ जाएगा।
सरकार ने बड़े स्तर पर इस समस्या से निपटने की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा कि सेम या water logging की समस्या प्रदेश के लिए नई नहीं है, इससे काफी जमीन प्रभावित है।
करीब 4 से 5 लाख एकड़ जमीन में सेम व water logging की समस्या है।
सरकार ने सबसे पहले 1 लाख एकड़ जमीन से वाटर लॉगिंग व सेम की समस्या से निपटने की योजना बना ली है।
जनवरी महीने में पोर्टल के माध्यम से किसान आवेदन मांगे जाएंगे।
जो किसान सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करेगा, वहां इस समस्या पर काम शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पानी की निकासी पाइप, ड्रेन या वहां की मौजूदा परिस्थितियों के मुताबिक की जाएगी।
एक्वायर जमीन के मालिक के एक आश्रित को नौकरी का प्रावधान
एक्वायर जमीन (acquired land) के मालिक (Owner) के एक आश्रित को नौकरी (job to a dependent) का प्रावधान है।
यह जानकारी सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने सदन में एक सवाल पर दी।
उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार द्वारा अधिसूचित नीति (notified policy) के तहत होता है।
इसमें एक्वायर की गई जमीन के मालिक के परिवार के एक आश्रित को नौकरी देने का प्रावधान है।