फतेहगढ़ साहिब, 21 जून। महिला आर्थिक सशक्तिकरण की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की माओं-बहनों को ₹4,500 मिलेंगे, जबकि बाकी सभी श्रेणियों की महिलाओं को ₹3,000 दिए जाएंगे।
फतेहगढ़ साहिब हलके के गांव चनारथल कलां में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सम्मान, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए ‘आप’ सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक पंजाब में ‘आप’ सरकार रहेगी, यह सहायता बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
फतेहगढ़ साहिब में ‘लोक मिलनी’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नौ दिन बाद पहली जुलाई को 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर उनके खातों में वित्तीय सहायता जमा होने के नोटिफिकेशन प्राप्त होंगे। जनरल श्रेणी से संबंधित महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह मिलेंगे। यह पैसा बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसके लिए ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से उन्हें सम्मान, स्वाभिमान और आत्म-विश्वास देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन की स्रोत हैं। माताओं-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद करते हैं। घरेलू दर्जे को सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो परिवार खुशहाल होते हैं और समाज आगे बढ़ता है।”
एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भारत चुनाव आयोग द्वारा चल रही एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान पंजाब सरकार किसी भी असली वोट को काटने नहीं देगी। मैं लोगों को सचेत करना चाहता हूं कि भाजपा वैध वोटों को काटने के लिए एस.आई.आर. प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले अन्य राज्यों में हुआ है। हालांकि, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और भगवा पार्टी के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देंगे। पंजाब के हर असली मतदाता की रक्षा की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझसे पहले के मुख्यमंत्री कभी भी आम लोगों से नहीं मिले। वे तापमान चेक करने के बाद ही अपने आलीशान घरों से बाहर आते थे। दूसरी तरफ मैं 24 घंटे लोगों के लिए मौजूद रहता हूं। जनता की सेवा मेरे लिए कोई कभी-कभी की जाने वाली गतिविधि नहीं है, यह मेरी जिम्मेदारी है।”
पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग करके अथाह संपत्ति इकट्ठी की और बड़े-बड़े महल बनाए। उनकी आलीशान रिहायशों की दीवारें ऊंची थीं और उनके दरवाजे आम लोगों के लिए बंद रहते थे। वे जनता की पहुंच से दूर रहे और आखिरकार लोगों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। जब नेता लोगों की बात सुनना बंद कर देते हैं तो लोग भी आखिरकार उन नेताओं को सुनना बंद कर देते हैं।”
“पंजाब के लोगों ने उन लोगों को बार-बार नकारा है, जिन्होंने उन्हें बारी-बारी से लूटा। इन नेताओं ने आम लोगों को लंबे समय तक मूर्ख बनाया, लेकिन पंजाबी अब इतने अकलमंद हो गए हैं कि वे ऐसे लोगों के भ्रमित करने वाले प्रचार से प्रभावित नहीं होते। इन हौव्वे से भरे सियासतदानों ने हमेशा पंजाब के लोगों को हल्के में लिया, जिसकी वजह से अंत में उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी। आज ये नेता निराशा की स्थिति में हैं क्योंकि लोग उन्हें कोई साथ नहीं दे रहे।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे नेताओं का पूरा एजेंडा शुरू से ही लोगों की भलाई की बजाय अपने परिवारों के हितों के लिए रहा है।
पिछली सरकारों के नेताओं पर शाब्दिक हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ये नेता पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हैं, जो जमीनी हकीकतों से पूरी तरह अनजान हैं। ये नेता अपने पैसों, जायदादों और यहां तक कि अपनी बसों से भी अनजान रहे हैं। अपने शासनकाल के दौरान इन्होंने सूबे भर के सफल उद्यमों में गैर-कानूनी तरीके से हिस्सेदारी हासिल करके लोगों का शोषण किया। ऐसे कामों ने ही पंजाब को पीछे धकेल दिया। इन नेताओं ने सूबे को बर्बाद कर दिया और इनके हाथ नौजवानों के खून से रंगे हुए हैं।”
अपनी सरकार के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब का विकास फिर से पटरी पर आ गया है। पंजाब सरकार हर आते दिन अपनी विकास की गति को तेज कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने लगभग सत्तर सालों के खालीपन को पाटा है और रंगला पंजाब बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं।”
“आप सरकार शायद देश की पहली ऐसी सरकार है जो जनता के घोषणापत्र को सही मायनों में लागू कर रही है। लोगों द्वारा उठाई गई हर वास्तविक और जायज़ मांग को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हम केवल चुनाव जीतने के लिए वादे नहीं करते, बल्कि जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्हें पूरा भी करते हैं।
शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सुखबीर सिंह बादल पंजाब की जमीनी हकीकतों से कोसों दूर हैं, क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन ऐशो-आराम और सुविधाओं के वातावरण में बिताया है। वे पंजाब में सत्ता हासिल करने के लिए तो उतावले हैं, लेकिन उन्हें राज्य की मूलभूत भौगोलिक स्थिति तक की जानकारी नहीं है।”
उन्होंने कहा कि यदि यह बात भी छोड़ दी जाए, तो पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब में उगाई जाने वाली सामान्य फसलों के बीच का अंतर भी नहीं बता सकते। उन्हें आम लोगों से जुड़े मुद्दों की बहुत कम समझ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो व्यक्ति पंजाब को समझता ही नहीं, वह अपने नेतृत्व में राज्य को आखिर कैसे चला सकता है?”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इन नेताओं द्वारा किए गए पाप क्षमा योग्य नहीं हैं। पंजाब के लोग इनके कुकर्मों के लिए इन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। इन नेताओं ने पंजाब के सीने पर जो घाव दिए हैं, वे आज भी लोगों के मन में ताज़ा हैं।”
उन्होंने कहा, “ये अवसरवादी नेता हैं, जो अपनी सुविधा और राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग और रुख बदल लेते हैं। इन्होंने पंजाब में गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और नशा तस्करों को बचाकर युवाओं की नसों में नशा भरने का काम किया। पंजाब के लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेतृत्व एक बार फिर पंजाब के लोगों को गुमराह करने के लिए हवाई किले बना रहा है। हालांकि, पंजाब के लोग ऐसे भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं होंगे। लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और एक बार फिर उन्हें उचित सबक सिखाएंगे।”
जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं परमात्मा का आभारी हूं, जिसने मुझे यह ऐतिहासिक कानून लागू करने का अवसर दिया। पिछली सरकारों के दौरान जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, तब दुनिया भर में करोड़ों श्रद्धालुओं और सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची।”
उन्होंने कहा, “सर्वशक्तिमान परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह विधेयक लाने की समझ और शक्ति प्रदान की। हमने इस कानून का मसौदा पूरी सावधानी और गहराई से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई संशोधन या कानूनी खामी इसे कमजोर न कर सके। यह कानून समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ एक मजबूत निवारक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी ऐसा घृणित अपराध करने का साहस न कर सके।”
उन्होंने कहा, “वर्षों से लोग यह कहकर सजा से बचते रहे हैं कि वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं या मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसी दलीलों का अक्सर जवाबदेही से बचने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है और अपराधी खुलेआम घूमते रहे। हमने कानून बनाते समय इस मुद्दे को गंभीरता से ध्यान में रखा है।”
ऐसे दावों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यदि कोई वास्तव में मानसिक रूप से बीमार है, तो वह केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही क्यों निशाना बनाता है? वह रेल इंजन के नीचे क्यों नहीं आ जाता या बिजली की तारों को क्यों नहीं पकड़ता? सच्चाई यह है कि ऐसी अनेक घटनाएं जानबूझकर और सुनियोजित ढंग से की गई थीं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इसीलिए हमने कानून में यह प्रावधान शामिल किया है कि यदि किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय रूप से मानसिक रोगी घोषित किया गया हो, तो उसके माता-पिता, अभिभावक या देखभाल करने वाले भी आपराधिक आरोपों का सामना करेंगे। सजा से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए कोई ढील नहीं होगी।”
अकाली नेतृत्व पर एक और हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने कभी भी ऐसा कानून बनाने के प्रति ईमानदारी नहीं दिखाई। सच्चाई यह है कि उनके इरादे ही गलत थे। उनके कार्यकाल में बेअदबी की घटनाएं हुईं और वे न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रहे। उन्होंने ऐसी घटनाओं को इसलिए होने दिया क्योंकि वे उनसे राजनीतिक लाभ प्राप्त करना चाहते थे।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपनी गलतियां स्वीकार कीं, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से उनसे मुकर गए। जो लोग तख्त के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे किसी के भी वफादार नहीं हो सकते। लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए जिनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना और राज्य को लूटना है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “अकालियों ने अपने निजी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। जत्थेदारों की नियुक्तियां अकालियों की पसंद और प्रभाव से की जाती हैं, इसलिए उनमें से कई राजनीति में सक्रिय हैं। इन लोगों के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य किसी भी तरह मुझे बदनाम करना है। हालांकि, लोग उनके वास्तविक चरित्र को जानते हैं और उनकी ऐसी नाटकबाजियों से कभी प्रभावित नहीं होंगे।”
कांग्रेस पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस पार्टी अपनी अंतिम सांसें गिन रही है और जल्द ही अप्रासंगिक हो जाएगी, क्योंकि उसके पास पंजाब के लिए न कोई दृष्टिकोण है और न ही भविष्य के लिए कोई रोडमैप। उसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना और राज्य की संपत्ति को लूटना है, लेकिन उसका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस गुटबाजी की शिकार है। वह अपने ही आंतरिक संघर्षों के कारण समाप्त हो रही है। विडंबना यह है कि जो वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इन झगड़ालू गुटों को एकजुट करने के लिए पंजाब आते हैं, उन्हें उन नेताओं के नामों का सही उच्चारण तक नहीं आता, जिनमें वे समझौता कराने की कोशिश कर रहे होते हैं। आज पार्टी की यही स्थिति है।”
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों के कल्याण पर खर्च किया जा रहा है। पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो पहले कभी नहीं हुई।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “एक ऐसे समय में जब देशभर में सार्वजनिक संपत्तियों को केंद्र सरकार द्वारा चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों को बेहद कम कीमतों पर सौंपा जा रहा है, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रचा है। यह सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा और लोगों की सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इतनी व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। इस ऐतिहासिक पहल ने परिवारों पर आर्थिक बोझ को काफी कम किया है और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की हैं। इस योजना का उद्देश्य पंजाब के प्रत्येक परिवार को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है और अब तक लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।”

