अमृतसर, 4 अगस्त। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए जारी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने आई.एस.आई. समर्थित दो सीमापार आतंकवादी मॉड्यूलों का भंडाफोड़ करके चार नाबालिगों सहित नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 9 जिंदा कारतूसों सहित तीन अवैध पिस्तौलें और चार पेट्रोल बम बरामद किए हैं। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान वंश कुमार (19) और अनमोल सिंह उर्फ साहिल (20) दोनों निवासी पट्टी (तरन तारन); हरमन सिंह उर्फ हम्मू (24) और सुखदेव सिंह (30) दोनों निवासी गांव झंजोटी (अमृतसर); सुखमन सिंह (19) निवासी गांव जोथ (अमृतसर) के रूप में हुई है। इसके अलावा आरोपियों में चार नाबालिग भी शामिल हैं। पिस्तौलों और पेट्रोल बमों की बरामदगी के अलावा पुलिस टीमों ने आरोपियों से एक चोरी की मोटरसाइकिल भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल वे आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे थे।
डी.जी.पी. गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश स्थित आई.एस.आई. हैंडलरों के इशारे पर काम कर रहे थे, जो आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने, सुरक्षा संस्थानों की रेकी करने, अवैध हथियार उपलब्ध कराने और शांति-व्यवस्था भंग करने के लिए स्थानीय युवाओं को भर्ती करते थे।
डी.जी.पी. ने बताया कि जांच के दौरान रेलवे ट्रैकों के निकट सर्वेलेंस कैमरे लगाने का भी पता लगा है, जिनकी फुटेज विदेशी हैंडलरों के साथ साझा की जा रही थी। उन्होंने बताया कि आई.एस.आई. समर्थित नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान करने, आगे-पीछे के संबंधों और वित्तीय लेन-देन का पता लगाने और इस गिरोह की अन्य आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता का भंडाफोड़ करने के लिए आगे की जांच जारी है।
कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए पुलिस आयुक्त (सी.पी.) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस टीमों ने ठोस सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए वंश कुमार को उसके एक नाबालिग साथी सहित काबू करके उनके कब्जे से एक अवैध .32 बोर देशी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खुलासे पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने अनमोल सिंह उर्फ साहिल को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसने आरोपियों को बरामद हथियार सप्लाई किया था।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि आगे की जांच से पता लगा है कि रेलवे ट्रैकों के निकट सर्वेलेंस कैमरे लगाने से संबंधित वित्तीय लेन-देन पेटीएम के माध्यम से जेल में बंद सुखदेव सिंह द्वारा हरमन सिंह उर्फ हम्मू के कहने पर किया गया था, जो दोनों केंद्रीय जेल, अमृतसर में बंद थे और प्रोडक्शन वारंट पर लाकर इस मामले में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि मुख्य आरोपी अनमोल, उसके साथियों और रेलवे ट्रैकों के किनारे लगाए गए सी.सी.टी.वी. कैमरों को आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए औपचारिक रूप से गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जी.आर.पी.) को सौंप दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि आरोपी सुखदेव सिंह और हरमन सिंह उर्फ हम्मू थाना राजासाँसी में दर्ज शस्त्र अधिनियम के एक मामले में भी नामजद हैं, जिसमें उनके कब्जे से चार ग्लॉक पिस्तौलें बरामद हुई थीं।
एक अन्य कार्रवाई में, सी.पी. गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि ठोस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने एक लक्षित ऑपरेशन के तहत दो नाबालिगों को .32 बोर देशी पिस्तौल, दो पेट्रोल बम और एक लाइटर सहित गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने दो साथियों— सुखमन सिंह और दूसरा नाबालिग साथी— के साथ मिलकर साजिश को अंजाम देने के कई प्रयास किए थे। आरोपियों के उपरोक्त दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके कब्जे से दो पेट्रोल बम और एक .30 बोर पिस्तौल बरामद हुई है।
इस संबंध में, तीन अलग-अलग मामले— थाना मोहकमपुरा में भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धाराओं 317(2), 238 और 3(5) तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत एफ.आई.आर. संख्या 97 दिनांक 11.07.2026; थाना एयरपोर्ट में शस्त्र अधिनियम की धाराओं 25(6,7,8) के तहत एफ.आई.आर. संख्या 24 दिनांक 29-07-2026; और थाना सी-डिवीजन में बी.एन.एस. की धाराओं 326(जी), 113 तथा 62 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत एफ.आई.आर. संख्या 112 दिनांक 02.08.2026 दर्ज की गई हैं।


