चंडीगढ़, 9 अगस्त। पंजाब के युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान करने के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के मिशन की निरंतरता में शनिवार को रक्षा सेवाएं कल्याण, स्वतंत्रता सेनानी एवं बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने सैनिक सदन, मोहाली में रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग में नवनियुक्त 8 जिला रक्षा सेवाएं कल्याण अधिकारियों, 42 सैनिक कल्याण प्रबंधकों और 1 क्लर्क सहित कुल 51 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे।
इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि इन नियुक्तियों से विभाग की कार्यकुशलता और मजबूत होगी और पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों, विधवाओं तथा उनके आश्रितों को सरकारी सेवाएं और बेहतर एवं समय पर उपलब्ध करवाई जा सकेंगी।
मंत्री भगत ने कहा कि विभाग लंबे समय से स्टाफ की कमी का सामना कर रहा था, जिस कारण पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों और अन्य लाभार्थियों से संबंधित कल्याण कार्य प्रभावित हो रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के चलते रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग की कुल नफरी में लगभग 20 फीसदी स्टाफ की कमी पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियों से विभाग की सेवाओं को जिला स्तर पर और अधिक प्रभावशाली ढंग से लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
श्री भगत ने नव-नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी नौकरी केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि लोक सेवा का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, समर्पण और लोक-पक्षीय सोच के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग की मूल जिम्मेदारी पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों, विधवाओं और उनके आश्रितों से संबंधित कल्याण कार्यों को समय पर पूरा करना है। इसलिए नव-नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को इन देशभक्त परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिवारों के कल्याण और पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुमेर सिंह गुजर, निदेशक ब्रिगेडियर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (सेवानिवृत्त) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


