होशियारपुर, 4 अप्रैल। पंजाब के संसदीय मामलों, एनआरआई मामलों एवं जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज होशियारपुर के जिला प्रशासनिक परिसर में सभी जेल सुपरिंटेंडेंट्स की बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में अरुण पाल सिंह, आईपीएस, एडीजीपी जेल, सुरिंदर पाल सिंह मंड, आईपीएस, डीआईजी जेल (फिरोजपुर और पटियाला रेंज), सुखमंदर सिंह मान, आईपीएस, डीआईजी जेल (अमृतसर रेंज) तथा मनमोहन कुमार, डीआईजी मुख्यालय सहित सभी जेल सुपरिंटेंडेंट्स और जेल मुख्यालय के अधिकारी उपस्थित थे।
यह बैठक जेल अधिकारियों के साथ प्रारंभिक परिचय हेतु आयोजित की गई थी, जिसके दौरान जेल मंत्री को विभाग की समग्र कार्यप्रणाली और प्रमुख पहलों के बारे में अवगत कराया गया। इनमें जेलों में भीड़भाड़ तथा उच्च जोखिम वाले कैदियों के प्रबंधन जैसी चुनौतियों से निपटने के उपाय शामिल हैं।
जेल मंत्री को प्रस्तावित “पंजाब प्रिज़न्स एंड करेक्शनल सर्विसेज बिल” और “पंजाब गुड कंडक्ट प्रिजनर्स बिल” के बारे में भी जानकारी दी गई, जो वर्तमान में पंजाब सरकार के विचाराधीन हैं। इसके अतिरिक्त, विभाग के पुनर्गठन से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई, जिनमें राज्य की सभी जेलों में कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पदों की आवश्यकता शामिल है।
कैबिनेट मंत्री ने जेल सुपरिंटेंडेंट्स द्वारा उठाए गए मुद्दों को भी ध्यानपूर्वक सुना, जिनमें स्टाफ की कमी, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की कार्यप्रणाली, जेलों में शौचालयों की मरम्मत और आवासीय कॉलोनियों के रखरखाव जैसी चिंताएं शामिल थीं।
इस अवसर पर जेल मंत्री को चल रही और भविष्य की अवसंरचना परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जिनमें लुधियाना में हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण तथा पटियाला में महिला ओपन जेल की स्थापना के प्रस्ताव शामिल हैं। जेल मंत्री ने दोनों परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया ताकि इन्हें जल्द से जल्द चालू किया जा सके।
अपने संबोधन में डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को ईमानदारी, परिश्रम और बिना किसी दबाव के कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जेलों में गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए और अधिक सख्त प्रयास करने तथा कैदियों के सुधार और पुनर्वास प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

