चंडीगढ़ , 31 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेल को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की तरह अनुशासन, मेहनत और समर्पण के मार्ग पर चलें। उन्होंने वर्ष 2036 के ओलम्पिक खेलों में हरियाणा के खिलाडियों द्वारा सबसे अधिक मैडल जीतने के लिए प्रेरित भी किया।
मुख्यमंत्री आज कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित “साइक्लोन” कार्यक्रम में युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे।
इससे पहले , मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रमदान करके “स्वच्छ कुरुक्षेत्र , मेरा कुरुक्षेत्र , मेरा अभिमान” का शुभारम्भ किया। हरियाणा के खेल विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साइक्लाथोन और स्वच्छता को जोड़कर युवाओं को स्वच्छ और स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने साइक्लाथोन में हिस्सा लेने से पूर्व “मेरा कुरुक्षेत्र , मेरा अभिमान” वेबसाइट भी लांच की जिस पर कुरुक्षेत्र के लोग स्वच्छता से संबंधित फोटो अपलोड करके अपने सर्टिफ़िकेट डाऊनलोड कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री सैनी ने युवाओं को नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसी बुराई है, जो व्यक्ति को ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देती है। यह न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है।
उन्होंने मेजर ध्यानचंद को उनके जन्मदिवस पर नमन करते हुए कहा कि मेजर ध्यान चन्द हमारे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में इसीलिए मनाया जाता है, ताकि हमारे खिलाड़ी उनके जैसी लगन और मेहनत करके वैसी ही उपलब्धियां प्राप्त करने के लिए प्रेरित हों।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेजर ध्यान चन्द भारत माता के महान सपूत थे। उनके नेतृत्व में भारतीयों ने हॉकी का स्वर्णिम इतिहास रचा। इसके फलस्वरूप हॉकी को ‘राष्ट्रीय खेल’ का दर्जा मिला। उन्होंने भारतीय हॉकी टीम को उन बुलंदियों पर पहुंचाया, जिनसे हमने तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते। यह किसी भी राष्ट्र के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय खेल दिवस का थीम ‘एक घंटा, खेल के मैदान में’ है। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें केवल आज ही एक घंटा खेलना है। इसका अर्थ है कि हमें हर रोज एक घंटा खेल को देना है ताकि हम शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रह सकें। ऐसा होने पर ही हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘फिट इंडिया-हिट इंडिया’ के विजन को साकार कर पाएंगे।
सैनी ने खिलाड़ियों की ओर मुख़ातिब होते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी वर्ष 2036 के ओलम्पिक खेलों में भारत को खेल महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने उन खेलों को भारत में करवाने का संकल्प भी व्यक्त किया है। मुझे विश्वास है कि उस समय आप जैसे हरियाणा के खिलाड़ी सबसे अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे। इसके लिए हम पहले से ही तैयारियां शुरू कर चुके हैं। हमारा सपना है कि हरियाणा का हर गांव-हर शहर एक ऐसा खिलाड़ी दे, जो विश्व मंच पर भारत का परचम लहराए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि आज हरियाणा को ‘खेलों की नर्सरी’ कहा जाता है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। चाहे वे ओलंपिक खेल हों, एशियाई खेल हों या राष्ट्रमंडल खेल हों, हरियाणा के खिलाड़ियों ने हर मोर्चे पर तिरंगे को ऊंचा फहराया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक 2024 में देश द्वारा जीते गये 6 पदकों में से 5 पदक जीते। इससे पहले, टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत द्वारा जीते गए 7 पदकों में से 4 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने हासिल किए। यही नहीं, एशियाई खेलों में भी हमारा प्रदर्शन बड़ा ही सराहनीय रहा है। एशियाई खेल-2022 में, राज्य के 82 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें देश के 111 पदकों में से 28 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। राष्ट्रमंडल खेलों में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 के दौरान हरियाणा के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते। ये उपलब्धियां हमारी दूरदर्शी खेल नीतियों का परिणाम हैं।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि ग्रामीण स्तर तक छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। बचपन से ही खिलाड़ियों को तराशने के लिए प्रदेश में खेल नर्सरियां खोली हुई हैं। इनमें उन्हें वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस समय प्रदेश में 1 हजार 489 खेल नर्सरियां कार्यरत हैं। इनमें 37 हजार 225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन नर्सरियों में नामांकित 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये प्रति माह दिये जाते हैं। प्रदेश सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने के लिए ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ बनाये हैं। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाये गये। सरकार ने 224 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी है। खिलाड़ियों के लिए क्लास-वन से क्लास-फोर तक के पदों की सीधी भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जो पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सबसे अधिक नकद पुरस्कार देता है। सरकार ने अब तक खिलाड़ियों को 593 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए हैं। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 298 खिलाड़ियों को मानदेय भी दिया जा रहा है। राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले तथा पदक जीतने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2014 से अब तक 29 हजार से अधिक छात्रों को 53 करोड़ 45 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।
सरकार द्वारा खिलाड़ियों को खेल उपकरण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके लिए ‘हरियाणा खेल उपकरण प्रावधान’ योजना बनाई है। इसके तहत 15 हजार 634 खिलाड़ियों को उपकरण प्रदान किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बचपन से ही खेलों के लिए प्रोत्साहन व प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। राज्य में मजबूत खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं को आह्वान किया कि वे किसी न किसी एक खेल में हिस्सा अवश्य लें ताकि वे स्वस्थ रह सकें।
इस अवसर पर खेल विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए खेल विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी।