इनमें 299 करोड़ रु० लागत से फेज-02 के कार्यों का लोकार्पण तथा 1,220 करोड़ रु० लागत से फेज-03 व फेज-04 के कार्यों का शिलान्यास शामिल
लखनऊ: 13 मार्च, 2026
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 1,519 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ के यातायात को नई गति देने वाली ‘ग्रीन कॉरिडोर परियोजना’ के कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 299 करोड़ रुपये से फेज-02 के कार्यों का लोकार्पण तथा 1,220 करोड़ रुपये से फेज-03 व फेज-04 के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर और लखनऊ विकास प्राधिकरण के बीच एमओयू भी हुआ।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ सांस्कृतिक रूप से जुड़ी भूमि है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया है। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। मुख्यमंत्री की पहचान ‘बुलडोजर बाबा’ के रूप में है, जो विकास की जमीन तैयार कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज दुनिया में लखनऊ की चर्चा तहजीब के साथ विकास के लिए भी हो रही है। यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की मान्यता दी है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश भारत का ग्रोथ इंजन बना है। मुख्यमंत्री की जापान और सिंगापुर की हालिया यात्रा से निवेश समझौते हुए हैं, जिससे प्रदेश को और तेजी से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
28 किलोमीटर लंबी इस ग्रीन कॉरिडोर परियोजना की कुल लागत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक है। यह शहीद पथ और किसान पथ को जोड़ेगी, जिससे यात्रा का समय बचेगा और जाम की समस्या कम होगी। परियोजना में आने वाले पेड़ों को काटा नहीं गया, बल्कि प्रत्यारोपित किया गया है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक 7 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर 15 लाख की आबादी को लाभान्वित करेगा। तीसरे चरण में समतामूलक चौक से शहीद पथ तक 10 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना में सिविल और डिफेंस सेक्टर ने मिलकर कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि लखनऊवासियों को जल्द ही 4,500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 62 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे मिलने जा रहा है, जिससे यात्रा 35-40 मिनट में पूरी होगी। बाराबंकी-बहराइच सड़क अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट से यात्रा का समय ढाई घंटे से घटकर एक घंटा 15 मिनट रह जाएगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर लखनऊ में स्थापित किया गया है। ब्रह्मोस मिसाइल अब लखनऊ की धरती पर बनेगी। लखनऊ में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र का उद्घाटन हो चुका है, जिससे हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा। केजीएमयू में विश्रामालय जैसी सुविधाएँ विकसित हुई हैं तथा पार्कों में ओपन जिम बनाए गए हैं

