योगी ने किया ‘रोजगार संगम पोर्टल’ का शुभारंभ, 38 करोड़ से अधिक की धनराशि वितरित
लखनऊ: 08 मार्च, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘मातृ वंदना योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की बेटियां स्वावलम्बन की ओर अग्रसर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को नजरअंदाज कर कोई समाज स्वावलंबी नहीं बन सकता।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘रोजगार संगम पोर्टल’ मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। उन्होंने श्रम विभाग द्वारा सेवायोजित एवं नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उत्कृष्ट महिला कार्मिकों, बाल विवाह रोकथाम में सराहनीय कार्य करने वाली बालिकाओं तथा राजकीय बाल गृहों की मेधावी बालिकाओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी बालिकाओं को चेक प्रदान किए गए।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बीमा प्रीमियम एवं साड़ी/वर्दी हेतु 38 करोड़ 49 लाख रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में अंतरित की गई। कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को यूनिफॉर्म एवं प्रतीकात्मक आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के ‘5-टी’ विजन (ट्रेडीशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट और ट्रांसफार्मेशन) पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि नारी सुरक्षित है तो समाज सुरक्षित है, नारी का सम्मान है तो समाज का सम्मान है। वर्तमान में प्रदेश में 36 से 37 प्रतिशत महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के तहत प्रदेश की 27 लाख बेटियों को जन्म से स्नातक तक 25 हजार रुपये का पैकेज दिया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के अंतर्गत अब तक 4 लाख से अधिक बेटियों का विवाह कराया जा चुका है। जल्द ही ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ लॉन्च की जाएगी, जिसके तहत स्नातक एवं परास्नातक की मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने जा रही है। अब वे स्मार्ट फोन से कार्य अपलोड करेंगी और प्रदर्शन के आधार पर सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा। उन्हें 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा भी दी गई है।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी मंडल की विभिन्न महिला केंद्रित योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने ‘रोजगार महाकुंभ-2026 (पिंक एडिशन)’ का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने ‘आत्म मंथन’, ‘सारथी’ और ‘नवदिशा’ नामक पुस्तिकाओं का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस बल में 20 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया गया है। 1947 से 2017 के बीच जहां कुल 10 हजार महिला कार्मिक थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं शामिल हैं। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत 5 लाख रुपये तक ऋण की व्यवस्था की गई है। साथ ही ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना’ से महिला स्वयंसेवी समूहों के उत्पादों को बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संचालित लगभग 20 हजार स्टार्टअप में से आधे से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की 2025 की सिविल सेवा परीक्षा में प्रदेश की तीन बेटियों ने टॉप-10 में स्थान प्राप्त किया है।

