सीएम योगी ने आगरा में यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का किया लोकार्पण, बोले- प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हो रहे संचालित
लखनऊ: 07 मार्च, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब सरकार, समाज और संस्थाएँ मिलकर एक दिशा व सोच के साथ कार्य करती हैं, तो परिणाम कई गुना बेहतर प्राप्त होते हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार निजी क्षेत्र द्वारा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना के लिए पॉलिसी बनाने जा रही है। प्रदेश के जिन जनपदों में और अधिक मेडिकल कॉलेजों की आवश्यकता है, वहाँ नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने में राज्य सरकार सहायता कर रही है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद आगरा में यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। 250 बेड युक्त इस मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में व्यापक टर्शियरी केयर सेवाएँ प्रदान की जाएंगी। अस्पताल में अत्याधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, रोबोटिक सर्जरी, उन्नत क्रिटिकल केयर यूनिट्स और 24×7 इमरजेंसी सेवाएँ उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को समय पर और प्रभावी उपचार मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 11 वर्षों में देश को दुनिया में नई पहचान प्राप्त हुई है। हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। देश में हाईवे, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो का निर्माण हो रहा है। वंदे भारत, नमो भारत तथा अमृत भारत जैसी उच्च गुणवत्ता युक्त ट्रेनों में यात्रा का अवसर प्राप्त हो रहा है। एयर कनेक्टिविटी तेजी से समृद्ध हुई है, विगत 70 वर्षों की तुलना में पिछले 10 वर्षों में अधिक एयरपोर्ट का निर्माण किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले देश में केवल एक एम्स था, जिसे अटल जी ने 6 तक पहुँचाया और प्रधानमंत्री मोदी ने इनकी संख्या 23 कर दी। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में गोरखपुर तथा रायबरेली में एम्स का संचालन हो रहा है। राज्य के 6 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठकर सामान्य जीवन-यापन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ 60 लाख लोगों को गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए हैं, जो शीघ्र ही 10 करोड़ तक पहुँचेंगे। प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशावर्कर्स को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी है। मुख्यमंत्री राहत कोष से 1,300 करोड़ रुपये नागरिकों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के प्रत्येक जनपद में निःशुल्क डायलिसिस, सीटी स्कैन सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

